लखनऊ कैंट स्थित आवास ‘रामायण’ पर उमड़ा जनसैलाब, राजा भइया ने सुनीं प्रदेशभर से आए लोगों की समस्याएं; त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश
लखनऊ। जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कुंडा के लोकप्रिय विधायक श्रीमंत माननीय श्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भइया जी के लखनऊ कैंट स्थित निजी आवास ‘रामायण’ पर आज भारी गहमागहमी देखने को मिली। प्रदेश के कोने-कोने से आए पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों, प्रशंसकों और आम जनता की भारी भीड़ के चलते सुबह से ही आवास परिसर में पैर रखने की जगह नहीं थी। इस दौरान राजा भइया ने सभी से आत्मीयता से मुलाकात कर उनका कुशल-क्षेम जाना और लोगों की गंभीर समस्याओं को सुनकर मौके पर ही उनका त्वरित निस्तारण किया।
‘रामायण’ आवास पर उमड़ा समर्थकों का जनसैलाब
राजधानी लखनऊ के कैंट इलाके में स्थित राजा भइया के आवास “रामायण” पर सुबह से ही उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे—प्रतापगढ़, प्रयागराज, जौनपुर, सुल्तानपुर, अमेठी, गोरखपुर, वाराणसी और पश्चिमी यूपी के कई हिस्सों से लोगों का आना शुरू हो गया था। इनमें केवल जनसत्ता दल के कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि भारी संख्या में उनके प्रशंसक और अपनी फरियाद लेकर आए आम नागरिक भी शामिल थे।
जैसे ही राजा भइया अपने समर्थकों के बीच पहुंचे, पूरा परिसर “राजा भइया जिंदाबाद” और “जनसत्ता दल जिंदाबाद” के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। राजा भइया ने हमेशा की तरह अपनी चिरपरिचित सादगी और शालीनता के साथ हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन स्वीकार किया और एक-एक कर लोगों से मिलना शुरू किया।
कार्यकर्ताओं में भरा नया जोश, जाना कुशल-क्षेम
मुलाकात के दौरान राजा भइया ने सबसे पहले संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं से चर्चा की। उन्होंने विभिन्न जिलों से आए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का हाल-चाल जाना और उनके क्षेत्रों में चल रहे सामाजिक व राजनीतिक कार्यों की प्रगति रिपोर्ट ली।
“कार्यकर्ता ही किसी भी राजनैतिक दल की रीढ़ होते हैं। जनता की सेवा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हमारे कार्यकर्ताओं को हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े रहना होगा।”
— माननीय राजा भइया जी
कार्यकर्ताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने संगठन की मजबूती पर बल दिया और आगामी रणनीतियों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। राजा भइया के इस आत्मीय व्यवहार और मार्गदर्शन से कार्यकर्ताओं में एक नया जोश और ऊर्जा देखने को मिली।
जनता दरबार में सुनीं समस्याएं, तत्काल किया समाधान
कुशल-क्षेम जानने के बाद राजा भइया ने ‘रामायण’ आवास पर आयोजित जनता दरबार में प्रदेश के कोने-कोने से आए पीड़ितों और आम नागरिकों की समस्याओं को बेहद गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। फरियादियों ने भूमि विवाद, पुलिस प्रशासन से जुड़ी शिकायतें, स्वास्थ्य उपचार के लिए आर्थिक सहायता, और स्थानीय स्तर पर व्याप्त विकास कार्यों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को उनके समक्ष रखा।
| समस्या का प्रकार | क्षेत्र/जिला | राजा भइया द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई |
| भूमि विवाद एवं दबंगई | पूर्वांचल व अवध क्षेत्र | संबंधित जिले के जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को निष्पक्ष जांच के सख्त निर्देश। |
| चिकित्सा एवं आर्थिक सहायता | विभिन्न ग्रामीण क्षेत्र | शासन स्तर पर पैरवी करने और मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद दिलाने का आश्वासन। |
| प्रशासनिक शिथिलता | मध्य यूपी के जिले | संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों को फोन कर तत्काल निस्तारण के आदेश। |
राजा भइया ने न सिर्फ लोगों के प्रार्थना पत्रों को स्वीकार किया, बल्कि कई मामलों में मौके पर ही मोबाइल फोन के माध्यम से संबंधित जिलों के उच्चाधिकारियों (डीएम, एसपी और कमिश्नर) से सीधी बात की। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक लहजे में निर्देशित किया कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर पीड़ित को न्याय मिलना सुनिश्चित होना चाहिए।
जनता के प्रति अटूट विश्वास और लोकप्रियता
लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक कद्दावर और जनप्रिय नेता के रूप में स्थापित राजा भइया के प्रति लोगों का यह जुड़ाव कोई नया नहीं है। उनके लखनऊ आवास ‘रामायण’ या कुंडा स्थित ‘बेंती कोठी’ पर लगने वाला जनता दरबार इस बात का गवाह है कि न्याय की आस में लोग उन पर कितना अटूट विश्वास करते हैं।
वहां मौजूद फरियादियों का कहना था कि जब सरकारी तंत्र या स्थानीय प्रशासन से उन्हें न्याय नहीं मिलता, तब वे आखिरी उम्मीद लेकर राजा भइया के पास आते हैं, क्योंकि यहाँ से कोई भी खाली हाथ नहीं लौटता।
त्वरित निस्तारण से खिले फरियादियों के चेहरे
घंटों चले इस जनसुनवाई कार्यक्रम के बाद जब लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान हुआ, तो दूर-दराज से आए फरियादियों के चेहरों पर संतोष और सुकून साफ देखा जा सकता था। राजा भइया ने सभी को आश्वस्त किया कि वे और उनकी पार्टी जनसत्ता दल हमेशा शोषितों, वंचितों और न्याय के लिए संघर्ष कर रहे आम नागरिकों के साथ खड़ी है।
इस अवसर पर जनसत्ता दल के कई वरिष्ठ नेता, स्थानीय जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे, जिन्होंने पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने में सहयोग किया।
